पानी जैसे जानना

कोई क्षण होता होगा, जब हम अपने से बाहर किसी व्यक्ति को जानने की इच्छा से भर जाते होंगे. यह इच्छा हम सबमें सामान रूप से पायी जाती है. पाए जाने का यह अर्थ नहीं हम हमेशा इस इच्छा से भरे रहते हैं. कहा न, कुछ क्षण होते हैं, जो उस ओर ढकेलते हैं. यह जान लेने की कामना हमारी जिज्ञासा नहीं है. यह ख़ुद से बाहर देखना है. उन तालाबों का बादलों से भर जाना है, जो सूख रहे हैं. तालाब बादलों को बुलाते हैं. जैसे एक तालाब हुआ ताल कटोरा. यह आपसी सम्बन्ध किसी व्यक्ति के प्रति अपने आकर्षण से भी उत्पन्न हो सकता है. आकर्षण पानी है. पानी जैसा गुण उसे ग्राह्य बनता है. यह ग्रहण कर पाने की क्षमता ही पानी को मूल्यवान बनती है. हमें पानी बन जाना चाहिए. सब हमारी इच्छा से भर जाएँ. तब हमें पल भर रूककर ख़याल करना होगा, उसमें ऐसा क्या है, जो उसे वैसा बनाता है. 

सिर्फ़ जितना हमें दिख रहा है, कोई सिर्फ़ उतना ही नहीं होगा. पानी भी वाष्प बनने के बाद दिखता कहाँ हैं? लेकिन क्या वह कहीं नहीं होता? नहीं. शायद भूगोल या मौसम विज्ञान जैसे अनुशासनों से पहले यह हम सब जानते हैं. भाप क्या है? भाप क्या कर सकता है? भाप ही जीवन है. 

वह लड़का जो किसी भाप सी लड़की को अभी सलीके से जान भी नहीं पाया है, नहीं जानता उसके ताप से वह भी एक दिन भाप हो जाएगा. समानुपात में लड़की भी कुछ ऐसा हो जाने की तमन्ना से भर गयी होगी, कोई कुछ नहीं कर पायेगा. वह आपस में अपनी उन रूढ़ आकृतियों में भले न मिल पायें, उनका साहचर्य उन्हें इलियट की कल्पना की तरह गलायेगा. वह पिघलते हुए किसी और आकृति में ढल जायेंगे. यह इन शब्दों के असहाय हो जाने का क्षण है, जहाँ देखने वाला इन शब्दों में माँसलता खोज रहा होगा. 

जो-जो उन बिम्बों को अपने भीतर टटोलना शुरू कर चुके हैं, वह थोड़ा थम जाएँ. उनकी शब्दावली में भाप अभी घर नहीं करेगा. वह अपने इस देश-काल से पीड़ित हैं. 

यहाँ हमें दोबारा तालकटोरा लौटना होगा या होसुर(तमिलनाडु) की सीमा शुरू होने से पहले, कर्नाटक के उन तालाबों के मिट जाने या उन्हें समतल कर ज़मीन निकालने की प्रक्रिया के बीच बादलों का वहाँ हर साल आना, देख लेना चाहिए. वहाँ शहर के उस कोने का नाम ‘इलेक्ट्रोनिक सिटी’ है. हम छठी मंजिल पर थे. वह बारह मंजिल इमारत उन्हीं ढलानों को पाट कर बनायी गयी थी. उसे सब वहाँ ‘वेट लैंड’ कहते हैं. हमारे अन्दर यह गीली ज़मीन ही ख़िसक गयी है. हमारे दिल का खून कम गीला होने लगा है.

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